जल जल गया!!!
जल को पता ही ना चला,जाने कब बर्फ़ बन ढल गया, शायद ग़फ़लत में रहा होगा,जब जम गया तब थम गया, मारने चाहे हाथ पैर, …
जल को पता ही ना चला,जाने कब बर्फ़ बन ढल गया, शायद ग़फ़लत में रहा होगा,जब जम गया तब थम गया, मारने चाहे हाथ पैर, …
ना बरसे फाल्गुन फुहार,बिखरे ना हीं रंग बौछार,ना गाये होरी मेघ मल्हार,बिनती करे हैं कन्हैया से,तुम्हरी राधा तुम्हरा इंतजार,औ मन ही मन बैठी हैं ठान… …
बोलने से पहले, तीखा चखा कीजिये,चिकनाई हटेगी ज़ुबां से, मज़ा लीजिये, अनर्गल कभी कभी बड़बड़ा लीजिये,ज़हन पे ज़ोर मगर, आने ना दीजिये, ख़ुद को परेशाँ …
ख़ुद पे ना गुज़रे, मुश्क़िल है समझ पाना,हैं हज़ारों जिन्हें मयस्सर नहीं इक दो दाना, नहीं हासिल, जिसे अच्छा कहे ज़माना,है मुफ़लिसी वो दाग़, मुश्क़िल …
बचपन में आ गये, धूप सेंकने का मज़ा, किसी बात की नहीं फ़िक्र, ना कोई ज्ञान ठेलती बातें ना ही कल का कोई ज़िक्र…ये हम …
धड़कनें बेचैन और मैं हूं ख़ामोश खड़ा,बेवजह की उलझनों को हूं सुलझा रहा, हैं क्या कुछ ऐसा के जिससे हूं डरा डरा,भूचाल है मेरे अंदर, …
ये बात मानता नहीं मेरा मन है,के बेइंतेहा गहरा अकेलापन है, शाख़ें जिस्म की लगी हैं सूखने,यूं दूर अभी पतझड़ का मौसम है, नींद को …
अग़रचे ये बात होती,दिन में ग़र रात होती,तो रात कभी ना सोती,जो रात कभी ना सोती,वो रात रात ना होती,जब रात रात ना होती,बातों की …
बसंती बसंत आया,गुलिस्ताँ मुस्कुराया,मस्त सुगंध मिट्टी से,सारा आलम भर आया, अमृत वर्षा चौतरफ़ा,हर पत्ता है लहरा रहा,हर टहनी यूँ झूम रही,लगे बसन्त पगला रहा, आसमाँ …
कल शाम, कल रात से बात हुई,सोचती रही रात मगर नहीं सोयी,वक़्त था तक़रीबन रात के ढाई,अल्लाह दुहाई अल्लाह दुहाई,नींद आ कर भी नहीं आई,सख़्त …